एच आई वी एड्स

आज के ज़माने का एक गंभीर और जानलेवा रोग है | एच आई वी एक वायरस है जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर नकारात्मक असर डालता है | ये बिमारी हर दिन आदमी के शरीर को ख़तम और कमजोर बना देती है. एड्स का फुल फॉर्म है अक्वायर्ड इम्यून डेफिशियेंसी सिंड्रोम | एड्स की बीमारी या रोग एच आई वी के इन्फेक्शन से होती है | एच आई वी इन्फेक्शस इंसान, जो एच आई वी पॉजिटिव है, उसके खून (ब्लड), वीर्य(सीमेन), माँ का दूध, योनिक का पानी( वागिना फ्लूइड) से किसी भी इंसान को एड्स हो सकता है | बहुत से लोग एच आई वी का मतलब एड्स समझने लगते है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है. एच आई वी पॉजिटिव होने के 8 से 10 के बाद उस रोगी का पूरा शरीर ख़तम हो जाता है और वो एड्स का शिकार हो जाता है |

एच आई वी/एड्स के क्या क्या लक्षण है?

  • बार बार बुखार आना मतलब हर दो दिन में बुखार होना और कई बार तेजी से बुखार का बढ़ना, एच आई वी का सबसे पहला लक्षण बताता है |
  • एच आई वी के पेशेंट में अचानक से बॉडी का वजन कम नहीं होता है, धीरे धीरे शरीर का वजन कम होता रहता है |
  • रात को सोते समय पसीना आना |
  • शरीर में थकान रहना या हमेशा थकावट रहना हाथ पेरो पर हमेशा दर्द रहना |
  • अपनी त्वचा पर ध्यान दे, अगर शरीर पर हल्के लाल रंग के स्पॉट्स या फंगल इन्फेक्शन हो और उसमें खुजली न हो तो ये भी एड्स का लक्षण है |
  • सिर में हमेशा हल्का दर्द रहना |
  • अगर इंसान के दिमाग में बिना वजह के तनाव पैदा हो रहे है तो यह कारन एच आई वी भी हो सकता है |

इन सभी के अलावा दस्त, खांसी, गले में खराश, मतली, उलटी, भी एच आई वी/एड्स के शुरुवाती लक्षण हो सकते है | यदि किसी भी इंसान को ये लक्षण मिले तो उसे डायरेक्ट एक अच्छे डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच करवाएं | क्यूंकि इसका इलाज सिर्फ शुरुवात में ही हो सकता है और इसे फैलने से बचा सकते है. बाद में इसके इलाज़ का कोई रास्ता नहीं है |

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